जानलेवा हमले के तीन आरोपियों को सात-सात साल की सजा

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परवेज़ अख्तर/सिवान :- अपर जिला न्यायाधीश द्वितीय अवधेश कुमार दुबे की अदालत ने जानलेवा हमले से जुड़े मामले में आरोपित तीन अभियुक्तों को सात-सात साल सश्रम कारावास एवं एक अन्य महिला अभियुक्त को पांच साल सश्रम की सजा सुनाई है। अभियोजन की ओर से बहस करने वाले अपर लोक अभियोजक अच्छे लाल यादव से मिली जानकारी के मुताबिक मुताबिक अदालत ने आरोपी अभियुक्त धुरंधर प्रसाद, कुंदन प्रसाद एवं कृष्णा प्रसाद को भादवि की धारा 307 के अंतर्गत सात साल सश्रम कारावास एवं 10 हजार का आर्थिक दंड दिया है। अदालत ने एक अन्य नामजद महिला आरोपी मीना देवी को कांड का दोषी पाकर पांच साल सश्रम कारावास एवं 10 हजार का आर्थिक दंड दिया है। अर्थदंड नहीं देने पर उपरोक्त चारों अभियुक्तों को छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने उक्त मामले से अन्य धाराओं 148, 323 एवं 324 में 2 से लेकर एक वर्ष की सजा उपरोक्त चारों अभियुक्तों को दी है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भगवानपुर थाना अंतर्गत माघर ग्राम निवासी धुरंधर प्रसाद एवं सुनीता देवी के बीच रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। 22 अक्टूबर 2012 को प्रातः जमीन एवं रास्ते के विवाद को लेकर झगड़ा प्रारंभ हुआ जो गांव के पड़ोसियों द्वारा हटाने पर झगड़ा शांत हो गया। संध्या पांच बजे जब सुनीता देवी एवं उसके परिवार के अन्य सदस्य घर के बरामदे में बैठे हुए थे उसी समय धुरंधर प्रसाद एवं अन्य ने सुनीता देवी एवं अन्य पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में सुनीता देवी, उसके पति एवं अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सुनीता देवी के बयान पर भगवानपुर थाने में सुरेंद्र प्रसाद एवं उपरोक्त अभियुक्तों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मुकेश कुमार सिंह ने मामले में बहस किया।

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