बस के धक्के से साले की मौत, बहनोई घायल

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परवेज अख्तर/सिवान : जिले के जी. बी. नगर तरवारा थाना क्षेत्र के सिवान-मलमलिया मुख्य मार्ग पर गुरुवार की सुबह तरवारा बाजार समीप सिवान से पटना जा रही बस के धक्का से साइकिल सवार दो व्यक्ति घायल हो गए। इसमें एक की मौत घटनास्थल पर ही हो गई जबकि दूसरे का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। मृतक की शिनाख्त दीनदयालपुर निवासी वकील गिरि के पुत्र राजेश्वर गिरि (35) तथा घायल तरवारा निवासी भगवान गिरि का पुत्र देव कुमार गिरि के रूप में हुई। इधर घटना के बाद से बस चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया। इधर शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद जैसे ही परिजन मृत राजेश्वर के घर पहुंचे आक्रोशित ने तरवारा बाजार स्थित मुख्य चौक पर एंबुलेंस लगाकर सड़क को जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। इस कारण तरवारा-सिवान मुख्य पथ पर करीब एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया। दोनों तरफ सुबह सुबह गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।rote parijan सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशितों को समझा बुझा कर शांत कराया और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कार्रवाई वह सरकारी सहायता का आश्वासन दिला जाम को हटवाया। मृतक और घायल आपस में जीजा-साला बताए जाते हैं। घटना के संबंध में बताया जाता है कि गुरुवार की अल सुबह करीब साढ़े चार बजे राजेश्वर गिरि तथा देवकुमार गिरि एक ही साइकिल से तरवारा से माधोपुर जा रहे थे। तभी माधोपुर पुल के पास पीछे से आ रही बस जो सिवान से पटना की तरफ जा रही थी उसने धक्का मार दिया जिससे दीनदयालपुर निवासी राजेश्वर गिरि की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि उसके बहनोई देव कुमार गिरि चोट लगने से बेहोश हो कर गिर गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने मृतक और घायल को अपनी गाड़ी से सदर अस्पताल लाया जहां राजेश्वर गिरि के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जबकि देव कुमार गिरि का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि राजेश्वर गिरि अपने बहनोई के घर आए थे जो किसी काम से अपने बहनोई के साथ माधवपुर जा रहे थे। राजेश्वर गिरि अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र क्रमशः राजन कुमार (7) एवं अभिराज कुमार (4) तथा बूढ़े मां-बाप को छोड़ गए हैं। थानाध्यक्ष ललन प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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घायल बहनोई

शव पहुंचते ही मचा कोहराम

मृतक राजेश्वर गिरि अपने परिवार का भरण पोषण मजदूरी कर करता था। मृतक का शव गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही पैतृक गांव दीनदयालपुर पहुंचा परिजनों के हृदयविदारक चीत्कार से सबका माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। पीड़ित परिजनों को सभी उपस्तिथ लोग ढाढ़स बंधा रहे थे।