सिवान: मौसम में बदलाव से शिशुओं की सेहत पर बढ़ा खतरा, विशेष ध्यान देने की है जरुरत

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परवेज अख्तर/सिवान: जिले में गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। ऐसे मौसम में दोपहर में तेज धूप व गर्मी तथा रात से लेकर सुबह तक ठंड का एहसास हो रहा है। मौसम का ठंडा-गरम मिजाज लोगों को बीमार बना रहा है। ऐसे में इस बदलते मौसम में शिशुओं की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरुरत होती है। चिकित्सकों के अनुसार इस मौसम में बच्चों की सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। उनके खानपान से लेकर पहनावे तक पर ध्यान देने की जरूरत है। सिविल सर्जन डा. अनिल कुमार भट्ट ने बताया कि इस मौसम में बच्चे जल्दी ही बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे मौसम में बच्चों को केवल सर्दी-जुकाम ही परेशान नहीं करता। बल्कि, खांसी, बुखार उल्टी, दस्त, त्वचा में संक्रमण, पेट रोग, डिहाइड्रेशन, निमोनिया, वायरल इंफेक्शन भी हो सकता है। सर्दी-गर्मी का यह मौसम बच्चों के लिए काफी नुकसानदायक साबित होता है। जिसकी वजह बच्चों की कमजोर इम्युनिटी तो है ही। साथ ही खानपान व रहन-सहन को लेकर लापरवाही भी है।

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बच्चों की तेल मालिश फायदेमंद :

ठंड की शुरुआत के साथ ही बच्चों को तेल की मालिश की बहुत ही फायदेमंद होती है। गुनगुने सरसो या जैतून के तेल की रोजाना मालिश की जानी चाहिए। रात को उनकी समुचित ध्यान रखते हुए शिशुओं के बिस्तर की जांच करते रहना चाहिए। कई बार तो शिशु के बहुत अधिक पेशाब करने के कारण डायपर के गीला हो जाने से ठंड लगने की शिकायत होती है। ऐसे में नियमित रुप से डायपर बदलते रहना चाहिए।

नियमित स्तनपान से बढ़ती है बच्चों की इम्युनिटी पावर :

प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर की बात करें तो वो है मां का दूध। मां के दूध में पाए जाने वाले पोषक तत्व केवल बचपन में ही नहीं बल्कि जीवन भर इम्युनिटी प्रदान करता है। नवजात शिशु के लिए पीला गाढ़ा युक्त मां दूध (कोलेस्ट्रम) संपूर्ण आहार होता है। जिसे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद एक घंटे के भीतर ही शुरू कर देना चाहिए। इसके अलावा छह माह तक नियमित रूप से स्तनपान कराते रहना चाहिए। यदि शिशु ने अन्नपूरक आहार लेना शुरू कर दिया है तो उसे ताजा बना भोजन देना चाहिए। उसके भोजन में मौसमी सब्जियां, दाल, अंडा, मांस आदि शामिल करना चाहिए। बच्चों के भोजन में विटामिन सी वाले फल को भी शामिल करें। साथ ही नियमित सभी टीकाकरण अवश्य कराएं।