सिवान: आज निर्जला रहकर पति की दीर्घायु की कामना करेंगी सुहागिन महिलाएं

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परवेज अख्तर/सिवान: अखंड सौभाग्य की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं बुधवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाए जाने वाले करवा चौथ का व्रत रखेंगी। चंद्रदर्शन के बाद सुहागिनें पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगी। करवा चौथ की खरीदारी को लेकर मंगलवार को जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में दिनभर काफी रौनक रही। ऐसी मान्यता है कि जो कोई भी सुहागिन स्त्री इस व्रत को करती है, तो उनके पति की लंबी उम्र होती है। साथ ही उनका गृहस्थ जीवन भी सुखद होता है और उनके पति को स्वास्थ्य संबंधी कोई भी गंभीर परेशानी नहीं होती है। इसके अलावा कुंवारी कन्याएं भी करवा चौथ का व्रत करती हैं, ताकि उन्हेंं सुयोग्य व मनचाहा वर की प्राप्ति हो सके। आचार्य पंडित उमाशंकर पांडेय ने बताया कि बुधवार को ही साैभाग्यवती स्त्रियां अपने सौभाग्य व पुत्रादि की रक्षा के लिए व्रत रखेंगी। बताया कि करवा चौथ का व्रत सर्वार्थ सिद्धि व शिव योग में रखा जाएगा।

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सरगी का है विशेष महत्व :

आचार्य ने बताया कि करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के जीवन में बहुत महत्व रखता है। यह व्रत शादीशुदा महिलाओं के दांपत्य जीवन में खुशियां भरता है। इसमें सरगी का बहुत महत्व होता है। इस दिन सास अपनी बहू काे सरगी देती हैं, जिससे सुबह सूर्योदय से पहले खाया जाता है।

खूब हुई मिट्टी के करवा की बिक्री :

करवा चौथ पर महिलाएं सज-संवरकर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर चंद्रमा से अखंड सौभाग्य की कामना करेंगी। मंगलवार को शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में कपड़े की दुकानों से लेकर जनरल स्टोर्स पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। बाजार में इस पर्व का उत्साह करवों आदि की खरीदारी के रूप में देखने को मिला। उन्होंने पूजन सामग्री व विभिन्न प्रकार के सौंदर्य सामग्री सहित सराफा व साड़ी की खरीददारी की। दूसरी ओर फल-फूल, माला के साथ ही चूड़ी, बिंदी, कंगन, सिंदूर सहित चलनी, मिट्टी और पीतल के करवा सहित पूजा के लिए उपयोग में आने वाले अन्य सामग्री की काफी खरीदारी की गई। पर्व के चलते फल और फूल के दामों में काफी वृद्धि होने के बाद भी इसकी खरीदारी में कोई कमी देखने को नहीं मिली।

सुहागिन स्त्रियों के लिए है खास महत्व :

अत्र स्त्रीणामेवाधिकार: अर्थात इस व्रत को केवल स्त्रियों को ही करने का अधिकार है। करवा चौथ के दिन व्रती को नित्यकर्म से निवृत होकर अपने साैभाग्य एवं पुत्र-पाैत्रादि तथा निश्चल संपत्ति प्राप्ति की कामना से पूरे दिन निराहार रहकर विघ्नविनशक मंगलकर्ता भगवान गणेश के ध्यान में तत्पर रहकर पूजन अर्चन करना चाहिए। साथ ही रात्रि के चंद्रोदय के उपरांत अन्न जल ग्रहण करने का संकल्प लेकर श्रीगौरी-शंकर, भगवान गणेश व भगवान कार्तिकेय का पूजन करना चाहिए।

करवा चौथ का शुभ मुहूर्त :

बुधवार की रात 08 बजकर 05 मिनट तक।