सीवान जेल में कैदी ने कैदी की काटी गर्दन

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परवेज अख्तर/​सिवान: मंडल कारा में रविवार की सुबह करीब दस बजे दो बंदी आपस में भिड़ गए। इस दौरान एक बंदी ने पास में रखे चाकू से दूसरे बंदी के गले में वार कर उसे घायल कर दिया। आनन फानन में कक्षपाल ने इसकी सूचना जेल प्रशासन को दी। जिसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। वहीं सूचना मिलते ही एसडीओ अमन समीर, नगर थाना इंस्पेक्टर सदर अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सक का हाल जाना। इधर घटना की जानकारी जैसे ही जिलाधिकारी रंजीता को हुई उन्होंने घायल बंदी के साथ जेल चिकित्सक अरुण कुमार को पटना जाने का आदेश जारी कर दिया। घायल बंदी मैरवा थाना क्षेत्र के गोसाईं टोला निवासी मोहम्मद सद्दाम है। वहीं घायल बंदी के लिखित आवेदन पर मुफ्फसिल थाना में जेल में बंद भरत सिंह है। मामले में बताया जाता है कि रविवार की सुबह जब बंदियों का वार्ड खोला गया तो सभी बंदी बाहर निकले। इसी बीच वार्ड संख्या 17 में बंद मो. सद्दाम और वार्ड संख्या 18 में बंद भरत सिंह सहित सभी बंदी वार्ड संख्या 10 के पास बने शौचालय में गए। इसी बीच थोड़ी देर बाद सद्दाम ने शोर मचाया तो आसपास के बंदियों ने देखा कि सद्दाम के गले से खून निकल रहा है और बार बार भरत सिंह पर जानलेवा हमला करने की बात कह रहा था। इसके बाद इसकी सूचना कक्षपाल को दी गई। कक्षपाल ने इसकी सूचना जेल अधीक्षक और जेल प्रशासन को दी। इसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। इधर मामले की जानकारी जैसे ही जिला प्रशासन को हुई डीएम ने तुरंत एसडीओ को सूचित कर घायल मरीज के साथ जेल चिकित्सक को पटना जाने का निर्देश दिया। घायल बंदी के साथ जेल चिकित्सक भी पटना चले गए। वहीं घायल के लिखित आवेदन पर मुफ्फसिल थाना में एफआइआर दर्ज की गई है।

दो दिन पहले भी हुई थी मारपीट

जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो दिन पहले भी दोनों बंदी का आपस में विवाद हो गया था। जिसे अन्य बंदियों ने आपस में सुलझा दिया था। इस दौरान दोनों बंदियों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी। इसके बाद रविवार की सुबह जब सभी वार्ड सुबह छह बजे वार्ड से बाहर निकले तो दोनों बंदी सुबह से ही दिखाई नहीं पड़े थे। लेकिन दस बजे के करीब जैसे ही सद्दाम वार्ड संख्या 10 समीप शौचालय में गया वहां पहले से मौजूद भरत सिंह ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

गला ज्यादा कटने की वजह से बोल नहीं पा रहा था कैदी

जिस समय घायल सद्दाम को जेल से सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया उस समय उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। वहीं सदर अस्पताल के डीएस डॉ. एमके आलम ने बताया कि गला ज्यादा कटा था। उसे सावधानी के साथ एंबुलेंस से पटना भेजा गया है। गला ज्यादा कटने के कारण वह बोलने में असमर्थ था।

जेल में चाकू मिलना जांच का विषय

जेल के अंदर ऐसे किसी भी सामान या वस्तु को ले जाना वर्जित है जिससे किसी तरह का नुकसान होने का डर रहता है। घायल बंदी ने अपने आवेदन में आरोपित भरत सिंह पर चाकू से गले में वार करने की बात लिखी है। ऐसे में अगर जेल के अंदर चाकू जा रहा है तो कहीं ना कहीं जेल की सुरक्षा में सेंध है। चाकू कैसे जेल के अंदर गया यह जांच का विषय है।

नहीं मिला हमले में प्रयुक्त हथियार

खबर प्रेषण तक जिस हथिया से बंदी सद्दाम के गले पर जानलेवा हमला किया गया था उस चाकू को जेल प्रशासन ने बरामद नहीं किया था। ऐसे में इस मामले का खुलासा अब जांच के बाद ही होगा कि सद्दाम के गले में चाकू से हमला किया गया था या ब्लेड से।