बिना पढ़े लिखे लोग ही संविधान बचाने की कर रहे बात: आरसीपी सिंह

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जिला अल्पसंख्यक सम्मेलन में जुटे दिग्गज

नीतीश कुमार की सरकार में अपने को सुरक्षित महसूस कर रहे अल्पसंख्यक

स्वास्थ्य, शिक्षा एवं बेहतर तालीम के लिए अल्पसंख्यक समुदाय को होना होगा जागरूक

परवेज़ अख्तर/ सिवान :- शहर के जेडए इस्लामिया कॉलेज परिसर स्थित जफर गनी सभागार में गुरुवार को जदयू अल्पसंख्यक जिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष इंद्रदेव सिंह पटेल ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जदयू संसदीय दल के नेता सह राष्ट्रीय महासचिव सह राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह ने अल्पसंख्यकों को एकजुट रहने और किसी प्रकार का डर नहीं रखने की बात कही। उन्होंने सेक्युलर शब्द की परिभाषा समझाते हुए कहा कि सेक्युलर शब्द का प्रयोग कुछ राजनेताओं द्वारा अपने मतलब के लिए करते हैं। यह शब्द आज का नहीं, बल्कि वर्षों पुराना है। कुछ लोग जानबूझकर अपना उल्लू सीधा करने के लिए सेक्युलर शब्द का इस्तेमाल करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि यहां लोकतंत्र है। जनता द्वारा चुने गए व्यक्ति ही शासन करता है। साथ ही कहा कि हमें संविधान को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। आज के समय में बिना पढ़े लिखे लोग ही संवािधान को बचाने के लिए यात्रा निकाल रहें है। आरसीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जनमानस ने चुना है और वे सभी जाति धर्म के लोगों के लिए काम कर रहे हैं। उन्हें सेक्युलरिज्म समझाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब से बिहार में नीतीश सरकार की सत्ता आई है, तब से बिहार में दंगों पर पूर्णतया रूप से लगाम लगा है। नीतीश कुमार की सरकार में अल्पसंख्यक अपने को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार शिक्षा में काफी पिछड़ा था। खासकर मुस्लिम और दलित शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे है। नीतीश कुमार की सरकार ने सबको शिक्षा से जोड़ने का काम किया। मदरसों में भी बेहतर शिक्षा हो, इसकी व्यवस्था की गई। सरकार द्वारा मदरसा को मजबूत करने के लिए कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के साथ रहने के बाद नीतीश सरकार ने 18 घोषणाएं की, जिसमें 9 घोषणाएं मुसलमान भाइयों के लिए था। उन्होंने लोगों से अपील की कि बच्चे बच्चियों को तालीम दें, ताकि वे हुनरमंद हो अपना समाज का एवं बिहार का नाम रोशन कर सकें। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य शमशाद साईं ने कहा कि आज बिहार के बच्चे चाहे किसी धर्म के हों, देश के कई भागों में उत्कृष्ट उच्च पदों पर काबिज है। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए जनमानस का सहयोग जरूरी है।samelan उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अल्पसंख्यकों के विकास के लिए चिंतित है। उनके लिए कई सारी योजनाएं चला रखी हैं। जरूरत है इन योजनाओं का लाभ लें। स्वास्थ्य शिक्षा एवं बेहतर तालीम के लिए अल्पसंख्यक समुदाय जागरूक हों। एमएलसी खालिद अनवर ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए अल्पसंख्यक वोट का इस्तेमाल करते रहे हैं। मन्दिर, मस्जिद, चर्च एवं गुरुद्वारा के अफवाह में न पड़ें। सभी मिलजुल कर रहें, तभी राज्य व देश का विकास होगा। उन्होंने कहा कि हिना शहाब को ही देख लिया जाए। लालू यादव की पार्टी में उनको भी मुसलमान की बेटी व पत्नी होने का मलाल हमेशा रहेगा, क्योकि जहां मीसा भारती को राज्यसभा का सांसद बना दिया गया, वहीं हिना शहाब के साथ रणनीति के साथ दोहरा वर्ताव किया गया है। जदयू नेत्री डा. आसमां परवीन ने कहा कि नीतीश कुमार का एक ही नारा न्याय के साथ सबका साथ सबका विकास है अौर सुशासन की सरकार नारे के साथ सूबे में विकास की गति दे रही है, जबकि विपक्ष का राग कुछ और ही है। पूर्व मंत्री डा. जावेद एकबाल अंसारी ने कहा कि न्याय के साथ विकास मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है और इसी मुद्दे पर हम विकास कर रहे हैं। किसके साथ गठबंधन है, किसके साथ गठबंधन रहेगा, यह कोई मायने नहीं रखता। निरंतर विकास करना और जनता के लिए काम करना ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मुख्य उद्देश्य है। मौके पर एमएलसी ललन सर्राफ, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अनवर सिवानी, विधान पार्षद विरेंद्र नारायण यादव, जीरादेई विधायक रमेश सिंह कुशवाहा, महाराजगंज विधायक हेमनारायण साह, दरौंदा विधायक कबिता सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष संगीता यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष मंसूर आलम, अब्दुल करीम रिजवी, नजमूल होदा, चंद्रकेतू सिंह, राजेश्वर चौहान, डा. इमामुल हक, जदयू नेता अजय सिंह, मीडिया संयोजक निकेश चंद्र तिवारी, लालबाबू प्रसाद, सत्येंद्र ठाकुर, विश्वंभर सिंह,अशरफ़ अंसारी,अभय कुमार उपाध्याय, अमितेश प्रताप सिंह, सुनिल कुमार, सुशील गुप्ता, हामिद खान, मोहन प्रसाद राजभर, शब्बर इमाम समेत सैकडों की संख्या में नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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