छपरा: कालाजार उन्मूलन के लिए चलेगा अभियान, घर घर जाकर होगा छिड़काव

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  • 66 दिनों तक चलेगा छिड़काव अभियान
  • कर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
  • एक दल को 55 से 60 घरों में करना होगा छिड़काव

छपरा: कालाजार उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर व्यापक स्तर पर अभियान भी चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विभाग के द्वारा कालाजार उन्मूलन को लेकर छिड़काव कार्य करने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, मुख्य मलेरिया कार्यालय के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अंजनी कुमार ने पत्र लिखकर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। जारी पत्र में कहा गया है कि कालाजार उन्मूलन के लिए वर्ष में 2 चक्रों में सिंथेटिक पैरा थायराइड का छिड़काव कालाजार आक्रांत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के गांव में कराया जाता है। वर्ष 2020 का द्वितीय चक्र छिड़काव सितंबर नवंबर में समाप्त हो चुका है। वर्ष 2021 का प्रथम चक्र छिड़काव मार्च के प्रथम सप्ताह से प्रस्तावित है। इस चक्र के लिए आक्रांत जनसंख्या को सिंथेटिक पैरा थायराइड छिड़काव से आच्छादित करने के लिए दलों की संख्या 66 कार्य दिवस के लिए अनुमोदित किया गया है।

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छिड़काव के मापदंड में किया गया बदलाव

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि एनवीबीडीसीपी भारत सरकार के द्वारा इस चक्र के छिड़काव में छिड़काव का मापदंड में बदलाव करते हुए 6 फीट छिड़काव के स्थान पर घरों के कमरा गौशाला की चेन के पूर्ण दीवाल पर छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है। छत अथवा सीलिंग में छिड़काव नहीं किया जा रहा है।

केयर इंडिया के द्वारा दिया जाएगा प्रशिक्षण

केयर इंडिया के डीपीओ भीएल आदित्य कुमार ने बताया कि कालाजार उन्मूलन के लिए छिड़काव कार्य किया जाएगा| इसको लेकर कर्मियों को केयर इंडिया के सहयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में छिड़काव कर्मियों को यह जानकारी दी जाएगी कि 6 फीट के स्थान पर अब पूर्ण दीवाल पर छिड़काव किया जाना है। प्रशिक्षण में भीडीसीओ, डीभीबीडीसी, भीबीडीएस एवं केबीसी प्रशिक्षक का कार्य करेंगे।

माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश

छिड़काव कार्यक्रम माइक्रोप्लान का निर्माण करने का निर्देश दिया गया है। जिसमें तिथि के स्थान पर डे वन डे टू का वर्णन किया जाएगा। क्षेत्रीय कार्यकर्ता को प्रशिक्षण के दौरान संभावित रोगियों की खोज एवं विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा| संभावित रोगियों की एंट्री छिड़काव रजिस्टर के अंतिम कॉलम में किया जाएगा। एक दल के द्वारा इस चक्र में 55 से 60 घरों में छिड़काव करने का निर्देश दिया गया है।

रोगी को श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाती है राशि

कालाजार से पीड़ित रोगी को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में पैसे भी दिए जाते हैं। बीमार व्यक्ति को 6600 रुपये राज्य सरकार की ओर से और 500 रुपए केंद्र सरकार की ओर से दिए जाते हैं। यह राशि वीएल (ब्लड रिलेटेड) कालाजार में रोगी को प्रदान की जाती है। वहीं आशा को कालाजार के रोगियों को अस्पताल लाने की दिशा में प्रोत्साहन राशि 100 रुपये प्रति मरीज की दर से भुगतान किया जाता है। कालाजार मरीजों को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत भुगतान प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है।