छपरा: एफआईआर कराने के लिए घायल महिला पहुंची इंस्पेक्टर कार्यालय, इंस्पेक्टर ने थानेदार को दिया प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

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छपरा: ईश्वर न करे आप के साथ किसी तरह की वारदात हो।वर्ना पुलिस मदद तो दूर कांड की प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करेगी। हाल के दिनों में पुलिस का यह ट्रेड आम आदमी पर भारी पड़ रहा है।पुलिस कांड को पंजीकृत नहीं कर वरीय अधिकारियों की नजर में पीठ थपथपा रही है, जबकि आम आदमी घटना के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रहा है वैसा ही मामला पानापुर थाने से घायल द्वारा पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय में पहुंच फरियाद लगाई गई। मामले में पुलिस इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने पीड़ित का फर्द ब्यान दर्ज कर पानापुर थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। मामला है कि पानापुर थाना क्षेत्र के रसौली गांव निवासी आशा देवी पति टियाई साह की अपने पड़ोसी के साथ हिस्सेदारी का पेड़ चोरी छिपे बेच दिया गया जिसमें आशा देवी ने पड़ोसी से मामले में पूछताछ की जिसमें जमकर मारपीट की गई जिसमे मां आशा देवी का एक हाथ फ्रैक्चर और 13 वर्षीय बेटी निशा कुमारी का सर पर गहरा जख्म हो गया जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गयी।

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इलाज के दौरान पीड़ित द्वारा पानापुर थाना पहुच पुलिस से फरियाद की गई पर पुलिस द्वारा फरियादी का प्राथमिकी दर्ज नही कर वापस कर दिया गया। पीड़ित आशा देवी मामले में पुलिस इंस्पेक्टर कार्यालय परिसर पहुंच इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह से मामले में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस इंस्पेक्टर श्री सिंह ने पीड़िता का फर्द ब्यान दर्ज कर पानापुर थाना प्रभारी को मामले में अविलंब प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।मामले में पुलिस इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मारपीट में घायल द्वारा फरियाद किया गया है कि पानापुर थानाध्यक्ष द्वारा प्राथमिकी दर्ज नही की जा रही है मामले में थानाध्यक्ष को आदेश दिया गया है कि मामले में जांच-पड़ताल कर तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए।