छपरा: टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर का तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू

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  • वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त देश का है लक्ष्य
  • विशेषज्ञों ने टीबी उन्मूलन के विषय पर की चर्चा
  • टीबी के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ने की जरूरत

छपरा: राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आगामी 2025 तक देश से टीबी उन्मूलन को लेकर 5 से 7 जुलाई तक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के लिए तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के लिए दोपहर 02 से शाम के 05 बजे तक ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण के पहले दिन दोपहर 02 से शाम 05 बजे तक यूनिट 1 के तहत राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में प्रशिक्षक के द्वारा इंट्रोडक्शन दिया गया । इसके बाद यूनिट 2 में डब्लूएचओ के डॉ. उमेश त्रिपाठी द्वारा टीबी इपिडेमियोलॉजी एंड डायग्नोसिस के बारे में जानकारी दी गयी। यूनिट 3 के तहत डब्लूएचओ के डॉ. राजीव ने मैनेजमेंट ऑफ टीबी के बारे में बताया । यूनिट 4 के तहत डब्लूएचओ के डॉ. सौरभ ने टीबी और को-मोरबिलिटीएस के बारे में जानकारी दी। सभी टॉपिक पर डब्लूएचओ के विशेषज्ञ, टीबी से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को ऑनलाइन ट्रेनिंग के माध्यम से देंगे।

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टीबी के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ने की जरूरत

सिविल सर्जन डॉ. जर्नादन प्रसाद सुकुमार ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। जड़ से मिटाने के लिए हम सभी को इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि टीबी के मरीज गरीब परिवारों के बीच से ही आते हैं। जिसमें कुपोषित व्यक्तियों या बच्चों में ये सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। क्योंकि अगर कोई एक व्यक्ति टीबी से ग्रसित हो गया तो सभी लोग एक छोटी सी झुग्गी झोपड़ी में ही रहते हैं जिस कारण एक दूसरे में टीबी का संक्रमण फैल जाता है। बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के मरीजों के इलाज की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही दवा भी मुफ्त दी जाती है।

वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करने का है लक्ष्य

जिले को टीबी से मुक्त करने के लिए सरकार व स्वास्थ्य समिति ने 2025 तक का समय निर्धारित किया है। इसके लिए राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) का संचालन भी किया जा रहा है। जिले से टीबी के संपूर्ण उन्मूलन के लिए जिलास्तर से लेकर प्रखंडों तक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वार्ड व पंचायत स्तर पर लोगों को टीबी व उसके इलाज के संबंध में जानकारी दी जा सकेगी। संक्रमण काल में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की गति धीमी न हो इसके लिए भी निर्देश जारी किये गए हैं।

टीबी रोग के लक्षण

  • लगातार तीन हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना
  • खांसी के साथ खून का आना
  • छाती में दर्द और सांस का फूलना
  • वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना
  • शाम को बुखार का आना और ठंड लगना
  • रात में पसीना आना