अब तक का सर्वाधिक खतरनाक स्वरूप है कोरोना का नया वैरिएंट ‘ओमीक्रोन’

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पटना: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन को लेकर भारत समेत समूची दुनिया मे चिंता पैदा हो गई है । दहशत के बनते माहौल के बीच सरकारों ने बचाव के नए उपायों पर काम शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दो घंटे तक चली उच्चस्तरीय बैठक में वैक्सीन की दूसरी डोज का दायरा बढ़ाने और मास्क के साथ सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ओमीक्रोन कोरोना का अब तक का सबसे संक्रामक स्वरूप है । इससे निपटने के लिए तमाम देशों की तरफ से उपाय किए जाने लगे हैं। दक्षिणी अफ्रीकी देशों के लिए उड़ानों पर पाबंदी लगाने वाले देशों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि नया वैरिएंट मौजूदा वैक्सीन के असर को बेअसर कर सकता है। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ ब्रिटेन ने सात अफ्रीकी देशों के लिए उड़ानों पर एक दिन पहले ही पाबंदी लगा दी थी। अब आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, ईरान, जापान थाइलैंड, और अमेरिका समेत अन्य कई देश भी इसमें शामिल हो गए हैं। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सभी राष्ट्रों से जल्दबाजी में कोई भी प्रतिबंधात्मक कदम नहीं उठाने की अपील की है, लेकिन उसका कोई असर नजर नहीं आ रहा है।

अफ्रीका महाद्वीप से बाहर ओमीक्रोन को फैलने से रोकने के लिए तमाम उपाए किए जा रहे हैं लेकिन जो सुबूत मिल रहे हैं उसे लग रहा है कि यह वैरिएंट पहले ही कई देशों में फैल चुका है। बेल्जियम, हांगकांग और इजरायल में इसके मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जर्मनी में भी एक संदिग्ध के पाए जाने की खबर है। नीदरलैंड में भी दक्षिण अफ्रीका से दो उड़ानों से आए 61 यात्रियों के कोरोना से संक्रमित पाए जाने के बाद नए वैरिएंट की पुष्टि के लिए आगे की जांच कराई जा रही है।

हालांकि अभी ओमीक्रोन को लेकर कोई ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन इसे दुनिया भर में भारी तबाही मचाने वाले डेल्टा वैरिएंट से भी अधिक संक्रामक बताया जा रहा है , इसलिए लगभग सभी देशों की तरफ से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। दक्षिणी अफ्रीकी देशों से जिन देशों की सीमाएं लगती हैं उन्होंने उन्हें सील करना शुरू कर दिया है।

डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक डा. पूनम खेत्रपाल सिंह ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से निगरानी बढ़ाने, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने कहा है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने कहा है कि ओमीक्रोन के सामने आने के बाद भी वह दक्षिण अफ्रीका से अपने कर्मचारियों को नहीं निकालेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को कहा था, ‘ऐसा लगता है कि यह तेजी से फैल रहा है।’ उन्होंने सोमवार से दक्षिण अफ्रीका समेत आठ अफ्रीकी देशों से लोगों के आने पर पाबंदी लगाने की घोषणा की है। इन देशों में नामीबिया, जिम्बाब्वे, बोत्सवाना, लेसोथो और इस्वातिनी शामिल हैं।

अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डा. एंटनी पासी ने कहा है कि ओमीक्रोन दक्षिण अफ्रीका में तेजी से फैल रहा है और अमेरिकी वैज्ञानिक उस देश में अपने सहयोगियों के साथ नए स्वरूप की जांच तथा यह पता लगाने के लिए सक्रियता से बात कर रहे हैं कि यह एंटीबाडी को भेदता है या नहीं।