गोपालगंजः मरीज को जिंदा बताकर झोला छाप डॉक्टर ने भेज दिया सदर अस्पताल, यहां आते ही परिजनों के उड़े होश

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गोपालगंजः बिहार के गोपालगंज में एक झोला छाप डॉक्टर ने रविवार को एक महिला की जान ले ली. हद तो तब हो गई जब प्रसूति महिला की मौत हो गई तो उसने सदर अस्पताल रेफर कर दिया और फिर वह क्लिनिक बंद कर फरार हो गया. हालांकि इस दौरान परिजनों को महिला की मौत की जानकारी नहीं हुई और वह उसे लेकर सदर अस्पताल लेकर पहुंच गए. यहां आने के बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला की कई घंटे पहले ही मौत की पुष्टि की.

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मृतक महिला भोरे थाने के बनकटा जगरधारी गांव की निधि देवी थी. वह उत्तर प्रदेश के देवरिया के बरियारपुर थाने के कुसहरी बाजार निवासी नंद कुमार शर्मा की पत्नी थी. परिजन डॉक्टर के निजी क्लिनिक पर गए तो डॉक्टर फरार मिला. इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाकर हंगामा किया. परिजनों का कहना था कि प्रसव पीड़ा होने पर भोरे थाने के नेता मोड़ के पास उन्होंने महिला को निजी क्लिनिक में भर्ती कराया था. शनिवार तक कथित डॉक्टर ने महिला का इलाज किया. रविवार को महिला की मौत हो गई.

घटना के बाद परिजनों में मचा कोहराम

परिजनों का कहना था कि क्लिनिक का डॉक्टर यह कहकर निकल गया कि उसे किसी को नीट का एग्जाम दिलाने के लिए जाना है. इसके बाद उसने मरीज को सदर अस्पताल रेफर कर दिया. सदर अस्पताल में डॉक्टरों के मुताबिक महिला का शरीर पूरी तरह ठंडा हो चुका था. हार्ड अटैक से मौत होने की बात बताई गई है. महिला की मौत होने की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. सदर अस्पताल से पुलिस ने परिजनों को समझा भोरे भेज दिया. खबर लिखे जाने तक परिजनों की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी.

जेल भी जा चुका है झोला छाप डॉक्टर

बता दें कि थावे थाने के गोनियार से सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र महतो के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने छापेमारी कर झोला छाप डॉक्टर अरविंद कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया था. बीते 28 अगस्त को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भी भेजा था. डॉक्टर पर बच्चेदानी निकाल लेने का आरोप था. इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र महतो ने कहा कि झोला छाप डॉक्टर की क्लिनिक सील की जाएगी. उसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जाएगा. स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर कार्रवाई करने में जुटा है.