गोपालगंज: डीएम ने की स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा, बोले- मरीजों को उपलब्ध कराएं गुणवत्तापूर्ण सेवा

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  • प्रत्येक बिन्दुओं पर जिलाधिकारी ने की गहरायी से समीक्षा
  • संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए आमजनों को करें जागरूक
  • पोस्टर प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को किया सम्मानित

गोपालगंज: समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। जिसमें डीएम के द्वारा प्रत्येक स्वास्थ्य सूचांकों पर समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना हम सबकी जिम्मेदारी है। सभी चिकित्सक अपने कर्तव्यों का ईमानादारी से निवर्हन करें। ओपीडी में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास करें। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका ध्यान रखें। जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए आमजनों को जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके साथ प्रसव के बाद दी जाने वाली सभी सुविधाओं को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। हर मरीज को एंबुलेंस की सुविधा मिल सके इसका ख्याल रखें। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि कोविड टीकाकरण के साथ-साथ नियमित टीकाकरण के लक्ष्य को भी हर हाल में शत-प्रतिशत हासिल करना है। आरआई दिवस पर नियमित टीकाकरण पर विशेष ध्यान दें। नियमित टीकाकरण से बच्चों में कई तरह के गंभीर बीमारियों से बचाव होता है।

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सभी स्वास्थ्य सूचांकों की रैँकिंग में लाये सुधार

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परिवार नियोजन, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण , ओपीडी समेत सभी बिन्दुओं पर बेहतर रूप से कार्य कर रैंकिंग में सुधार लाने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड टीकाकरण का लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल करना है। गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण के साथ हीं प्रसव पूर्व जांच करना सुनिश्चित करें। इसके साथ हीं प्रसव पूर्व जांच कराने आने वाली गर्भवती महिलाओं को कोविड का टीका लगायें और इसके प्रति जागरूक भी करें।

जिले में एक माह में 86 हजार से अधिक लोगों को ओपीडी सेवा का लाभ

डीएम ने समीक्षा के दौरान बताया कि जिले में अगस्त माह में 86 हजार 430 लोगों को ओपीडी की सेवा प्रदान की गयी है। इसके साथ 1822 व्यक्तियों को एंबुलेंस की सेवा दी गयी है। जिले में एक माह 3286 महिलाओं का संस्थागत प्रसव हुआ है। जिन्हें नि:शुक एंबुलेंस के साथ-साथ जननी सुरक्षा योजना का भी लाभ दिया गया है। 5364 गर्भवती महिलाओं की पहली प्रसव पूर्व जांच की गयी है।

पोस्टर प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

रोगी सुरक्षा दिवस पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस प्रतियोगिता में बेहतर पोस्टर बनाने वाली टीम को जिलाधिकारी के द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सर्वप्रथम जिलाधिकारी के द्वारा सभी पोस्टर का अवलोकन किया गया। अवलोकन के बाद जिलाधिकारी के द्वारा प्रथम स्थान पर सीएचसी उचकागांव, दूसरा स्थान पर एसडीएच हथुआ तथा तीसरा स्थान हासिल करने वाले सदर अस्पताल की टीम को सम्मानित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य संबन्धित सुरक्षा एंव बेहतर चिकित्सीय प्रबंधन है। इसके अंतर्गत सुरक्षित प्रसव बेहतर साफ सफाई एंव अस्पतालों में स्ट्रलाइज्ड उपकरणों द्वारा उपचार किया जाना है। इससे मातृ एंव शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सकती है। इस बैठक में जिलाधिकारी के अलावा उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र महतो, डीपीएम धीरज कुमार, एसीएमओ, डीएमओ डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह, सीडीओ डॉ. कैप्टेन एसके झा, केयर इंडिया के डीटीएल मुकेश कुमार सिंह, यूनिसेफ एसएमसी रूबी कुमारी, डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ. आनंद शंकर समेत सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व स्वास्थ्य प्रबंधक मौजूद थे।