तरवारा के जगदीशपुर: सदर अस्पताल के चिकित्सक ने माना सस्पेक्टेड फायरिंग, पीड़ित ने कहा अपराधियों ने मार दी है गोली

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  • परिजनों ने पीड़ित को शुक्रवार की रात 11:00 बजे इलाज हेतु कराया था सदर अस्पताल में भर्ती
  • प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल से रेफर

✍️परवेज अख्तर/ एडिटर इन चीफ:
जिले के गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के जगदीशपुर बाजार में शुक्रवार की रात्रि जी.बी.नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव के रहने वाले एक 28 वर्षीय युवक को सशस्त्र अपराधियों ने गोली मारकर घायल कर दिए जाने की घटना जंगल में लगी आग की तरह फैल गई।घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।घटना के बाद आसपास के लोगों ने घायल युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया,जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर रजनीकांत तिवारी के नेतृत्व में प्राथमिक उपचार शुरू की गई,जहां प्रथम दृष्टया में चिकित्सा पदाधिकारी ने अपने रजिस्टर्ड में सस्पेक्टेड फायरिंग का जिक्र कर अंकित किया है,बाद में प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिवान सदर अस्पताल से उसे रेफर किया गया लेकिन शुक्रवार की मध्यरात्रि से लेकर शनिवार की देर शाम तक घायल युवक पीएमसीएच नहीं पहुंच सका था.

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कुछ लोगों का कहना है कि घायल युवक का इलाज सिवान के एक चर्चित नर्सिंग होम में कराया जा रहा है,सदर अस्पताल के रजिस्टर्ड में अंकित नाम व पता के अनुसार घायल युवक सिवान जिले के जी.बी.नगर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी अम्बिका यादव का 28 वर्षीय पुत्र देवीलाल यादव है,यहां बताते चले कि उक्त घटित घटना के बाद शुक्रवार की रात में हीं गोरेयाकोठी थाना पुलिस को उड़ती हुई खबर की जानकारी प्राप्त हो चुकी थी,जानकारी प्राप्त होते हीं स्थानीय पुलिस जगदीशपुर बाजार में पहुंचकर मामले की तहकीकात भी शुरू कर दी थी,इसी क्रम में जी.बी. नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर श्री प्रमोद कुमार सिंह जो रात्रि गस्ती में निकले हुए थे उन्हें भी इस घटना की जैसे ही जानकारी प्राप्त हुई तो श्री सिंह  दल बल के साथ जगदीशपुर बाजार पहुंचे तथा अपने स्तर से मामले की तहकीकात शुरू कर दी.

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लेकिन इंस्पेक्टर श्री सिंह को न घायल का पता चला और न ही कोई फर्द बयान देने वाले सामने आए,हार थक के इंस्पेक्टर श्री सिंह अपने बैरंग लौट आए,बैरंग लौटने के बाद श्री सिंह अपने मुखबीरों का जाल इलाके में बिछा डाले परंतु इस घटना को लेकर उनके मुखबीर भी सफल नहीं हो पाए,आसपास के कुछ ग्रामीण भी इस घटना को संदेहास्पद बता रहे हैं,बहरहाल चाहे जो हो पीड़ित के फर्द बयान के बाद हीं पुलिसिया अनुसंधान में इस घटना का राज सही खुल पाना संभव हैं, कि अपराधियों ने युवक को गोली मारी थी या यह एक हाईटेक ड्रामा था,वहीं सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा पदाधिकारी ने अपने प्रथम चिकित्सकीय रिपोर्ट में इसे सस्पेक्टेड फायरिंग का जिक्र किया है।