सारण के अमनौर में मिल गया जाम, तो समझिए कि हो आये तीर्थ-धाम

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परवेज अख्तर/ एडिटर इन चीफ:
सारण के अमनौर बाजार में जाम की समस्या दिनों- दिन बढते जा रहा है. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए न तो प्रशासन कोई पहल कर रहा है न ही जनप्रतिनिधि कोई तत्काल रास्ता निकालने की मुड दिख रहे हैं. अमनौर के व्यवसायियों को एक तो लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंगी से जुझना पड़ा है वहीं लॉकडाउन खत्म होने के बाद महाजाम से परेशान दिख रहे हैं. अमनौर बाजार की मुख्य सड़क सक्रिन होने के वजह से छोटे बड़े वाहनो के परिचालन से लोग भयंकर महाजाम जाम से जूझ रहे हैं. मालूम हो कि अमनौर बाजार चार दिशाओं से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है. एस एच 104 अमनौर-तरैया, एस एच 104 अमनौर- भेल्दी तथा एस एच 73 अमनौर-सोनहो व एस एच 73 अमनौर- मढौरा अमनौर बाजार से होकर गुजरती है. अबतक बाइपास का निर्माण नहीं होने से लगातार जाम की समस्या ने लोगो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जाम से त्रस्त लोगो के बीच यह समस्या अब त्रासदी का रूप ले चूकी है. पहले लगन व पर्व त्योहारों पर जाम की समस्या होती थी मगर अब आम होगी है.

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सिवान व पटना रुट की हजारों गाडिय़ों का परिचालन प्रतिदिन होती है. जहांबड़े वाहनों से लेकर छोटे वाहनों का परिचालन से महाजाम में घंटों तक लोग फंसे रहते है. महाजाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बाईपास का निर्माण जरूरी है. पर अभी इसका जल्द निर्माण का कोई रास्ता साफ नहीं दिख रहा है. जानकारो के मुताबिक अगर सिवान के तरफ से पटना की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए अमनौर बाजार के पहले संपर्क सड़क (ग्रामीण सड़क) के रुट से जाने का विकल्प पर प्रशासन शख्ती से पालन करें तो जाम की समस्या से थोड़ी निजात मिल सकती है. वहीं  सिवान के तरफ से पटना की तरफ जाने वाले वाहनों बड़े वाहनों का परिचालन  तरैया -अमनौर मार्ग से बंद कर तरैया-मढौरा -अमनौर किया जाता है तो भी कुछ महाजाम से सहुलियत मिल सकती है.

हालांकि जाम से निजात दिलाने के लिए चौकीदार से लेकर  पुलिसकर्मी की तैनाती रहती है . मगर इससे भी कोई फर्क नही पड़ता है .महाजाम से जहां आम लोगों को जीना मुहाल हो गया है वहीं वायु प्रदूषण से लेकर ध्वनि प्रदूषण के साथ मांसिक तनाव की समस्या से लोग जूझ रहे हैं. वहीं व्यवसायियों को भी जाम की समस्या से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है .जाम को देख ग्राहक का ठहराव नहीं हो पा रहा है.  जिससे दुकानदार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि बाईपास निर्माण की बात की चर्चा वर्षा से चल रही है . इधर स्थानीय सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने भी बाइपास निर्माण को लेकर 125 करोड़ की राशि आवंटित होने की बात कही है. मगर अबतक बाईपास निर्माण को लेकर कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दे रही है.