सारण के तरैया में स्प्रिट तस्करी को लाने के दौरान पुलिस ने किया पर्दाफाश, एक गिरफ्तार

0

छपरा: पुलिस ने इस मामले में सारण जिले के तरैया थाना के भगवतपुर निवासी विक्की कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। पेशे से गाड़ी चालक है आरा जिले के संदेश थाना पुलिस ने स्प्रिट तस्करी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। साथ ही ट्रक पर लदे करीब 39 गैलन स्प्रिट के साथ एक सदस्य को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जबकि, अन्य भाग निकले। इसे लेकर संदेश थाना में आठ के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की गई है। रैकेट का तार पड़ोसी जिला छपरा से लेकर झारखंड के डाल्टेनगंज से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने इस मामले में सारण जिले के तरैया थाना के भगवतपुर निवासी विक्की कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। पेशे से गाड़ी चालक है।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM
WhatsApp Image 2022-09-27 at 9.29.39 PM

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने पकड़ा

बताया जा रहा है कि धंधेबाज 407 मिनी ट्रक से अवैध स्प्रिट लोड कर नासरीगंज-सकड्डी स्टेट हाइवे के रास्ते छपरा की ओर जा रहे थे कि इस बीच गुरुवार को गुप्त सूचना के आधार पर संदेश चौक के समीप पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया। किसी को शक नहीं हो इसलिए ट्रक के ऊपर प्लास्टिक के बोरों में पशु चारा लोड किये थे। बाद में तलाशी के दौरान पुलिस ने ऊपर से पशु चारा हटाया तो नजारा देखकर सभी दंग हो गए। नीचे ब्लू रंग का गैलन भरा हुआ था। करीब 40 लीटर का 39 डब्बा एवं एक 200 लीटर का एक ब्लू रंग का ड्राम बरामद किया गया। जिसमें करीब 1760 लीटर अवैध स्प्रिट बरामद हुआ है।

शराब निर्माण के लिए तरैया लेकर जा रहे थे स्प्रिट

पुलिस के अनुसार अवैध शराब निर्माण के लिए स्प्रिट को ले जाया जा रहा था। अवैध स्प्रिट झारखंड के डाल्टेनगंज से सारण के तरैया के लिए लोड हुआ था। लाइनर का करने वाले झारखंड के चास बोकारो, हाउस नम्बर-734, राणा प्रताप नगर निवासी विक्की कुमार शर्मा, सारण के शाहनेबाजपुर, तरैया निवासी विकास कुमार, बलीराम महतो, महरौली, सारण निवासी कामेश्वर महतो, हजारीलाल उर्फ मंगल राम व चास बोकारो निवासी कमलेश कुमार सिंह की पुलिस को इस रैकेट में तलाश है। झारखंड के चास बोकारो निवासी विक्की कुमार शर्मा डाल्टेनगंज से स्प्रिट लोड कर भिजवाया था। बलीराम महतो व कामेश्वर महतो को डिलेवरी देना था। पटना उत्पाद विभाग की टीम को भी इसकी भनक थी।