छपरा सदर अस्पताल में बनकर तैयार हुआ पीएसए ऑक्सीजन प्लांट

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  • तीसरी लहर से निपटने को लेकर विभाग तैयार
  • एक मिनट में 1000 लीटर ऑक्सीजन का होगा उत्पादन
  • पीएम केयर्स फंड के तहत स्थापित हुआ प्लांट

छपरा: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है और इसे लेकर मुकम्मल तैयारी की जा रही है। अस्पतालों में आवश्यक उपकरणों की पूर्ति की जा रही है। बेड व आईसोलेशन वार्ड को दुरूस्त किया जा रहा है। अब छपरा सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गया है। मशीन के इंस्टालेशन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गयी है। सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के पीछे प्लांट लगाया गया है। हेल्थ मैनेजर राजेश्वर प्रसाद ने बताया अब प्रति मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकेगा। सभी बेड पर पाइपलाइन के माध्यम से ऑक्सीजन की पूर्ति की जायेगी। इसके लिए पाइप लगाने का काम तेजी से चल रहा है। बहुत जल्द ऑक्सीजन प्लांट का विधिवित शुभारंभ किया जायेगा।

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पीएम केयर फंड से लगाया जा रहा है प्लांट

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. जेपी सुकुमार ने बताया पीएम केयर फंड से अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है।। इस प्लांट की क्षमता 1000 लीटर प्रति मिनट होगी, जिससे प्रतिदिन 500 ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा सकेंगे। प्लांट को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा इंस्टॉल किया गया है।

तीसरी लहर से निपटने के लिए विभाग तैयार

सिविल सर्जन डॉ. जेपी सुकुमार ने कहा ऑक्सीजन प्लांट लग जाने से कोरोना की संभावित कि तीसरी लहर की रोकथाम में और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर अभी हमें और सावधान और कोविड नियमों पालन करने की आवश्यकता है। यह ऑक्सीजन प्लांट एक सौगात है जो वैश्विक महामारी के तीसरे लहर से लड़ने में काफी मददगार साबित होगी। जहां कोरोना के पहले लहर में मास्क व सैनिटाइजर पर जोर था वहीं दूसरी लहर में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्य किया गया है। अस्पताल में सभी बेडों पर ऑक्सीजन की आपूर्ति पाइप लाइन से की जाएगी। तीसरी लहर के आने से पहले स्वास्थ्य प्रशासन ऑक्सीजन को लेकर जिले में तैयारियां पूरी कर ली है। पाइप लाइन से ऑक्सीजन की सप्लाई चालू कर दी जाएगी। इमरजेंसी वार्ड के सभी कमरों तक एवं इमरजेंसी वार्ड परिसर में भी पाइपलाइन को बिछाकर कनेक्शन पॉइंट निकाला जा रहा है, जिससे कि मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में सभी जगहों पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा सके।