रिटायर्ड दारोगा हत्या कांड: 2002 में हुए थे सेवानिवृत्त और 2020 में अपराधियों ने सुला दी मौत की नींद

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  • रिटायर्ड दारोगा की हत्या मामले में एसआइटी गठित
  • 20 से 25 वर्ष के थे घटना को अंजाम देने वाले अपराधी
  • अपराधियों का सेफ जोन बना मैरवा-गुठनी मुख्य मार्ग

परवेज़ अख्तर/सिवान :
सेवानिवृत्त दारोगा गोरख प्रसाद की हत्या मामले में एसपी अभिनव कुमार ने एसआइटी टीम गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं पुलिस इस मामले में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के निपनिया निवासी सह चालक रजनीश कुमार पांडेय से पूछताछ कर रही है। पुलिस चालक से घटनाक्रम के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही है। चालक रजनीश ने बताया कि रविवार को संध्या वह और गाड़ी मालिक गोरख प्रसाद बोलेरो से सिवान जंक्शन पहुंचे थे। गोरख प्रसाद की समधिन सहित चार संबंधी को जंक्शन से लेकर नौतन थाना क्षेत्र के अंगौता गांव रात्रि में पहुंचे। हम दोनों अंगौता से रात्रि में खाना खाकर निकले। बभनौली पंट्रोल पंप से लगभग तीन सौ मीटर आगे पहुंचे ही थे कि एक उजले रंग की स्कार्पियो ने हमलोगों को ओवरटेक कर गाड़ी बीच रास्ते में खड़ी कर दी। गाड़ी से चार अपराधी हाथों में हथियार लेकर आए और हमदोनों संग मारपीट करने लगे। मारपीट करते हुए बोलेरो की चाभी, मोबाइल, 45 सौ रुपए और पर्स छीन लिया। इसका विरोध जब गोरख प्रसाद ने किया तो एक अपराधी ने उनकी पेट में गोली मार दी।

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20 से 25 वर्ष के थे अपराधी

चालक रजनीश पांडेय ने बताया कि घटना में शामिल सभी अपराधियों की उम्र 20 से 25 के करीब थी। एक अपराधी मोटा था। उन सभी ने हम दोनों की मोबाइल भी छीन ली।

2002 में हुए थे सेवानिवृत्त

मृत दारोगा 2002 में आरपीएफ से सेवानिवृत्त हुए थे। इन्हें पांच पुत्र व चार पुत्री। पुत्र मुकेश रावत ने बताया कि मेरे पिता की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। अपराधियों द्वारा बोलेरो गाड़ी लूटने की नीयत से मेरे पिताजी को गोली मारकर हत्या कर दी और बोलेरो लेकर फरार होने में सफल रहे। प्रशासन से यही मांग है कि मेरे पिता के हत्यारे को तुरंत गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया की जाए। वह जब से सेवानिवृत्त होकर के घर आए थे अपने गांव में सामाजिक कार्य और लोगों के बीच काफी प्रेम से रहना पसंद करते थे और सबसे उनका प्रेम बना हुआ था वह हमेशा एक दूसरे का सम्मान करते थे।

अपराधियों का सेफ जोन बना मैरवा-गुठनी मुख्य मार्ग

गुठनी-मैरवा मुख्य मार्ग पर आपराधिक घटनाओं में अब बढ़ोतरी हो रही है। जबकि इस सड़क पर पुलिस गश्त के बजाए अपनी जेब गर्म करने के लिए आए दिन ट्रक चालकों को रोक कर उनसे अवैध वसूली का काम करती है। इस कारण यहां से रात्रि में अब ट्रक ड्राइवर आने जाने में संकोच करते हैं। वहीं कई बार ट्रक चालकों को शरारती तत्वों ने भी अपना शिकार बनाया है। इस सड़क में शायद ही पुलिस गश्त करने पहुंचे। गुठनी में पिछले छह महीनों में लूट, हत्या सहित अन्य घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि गत पहली सितंबर को भठही घटनास्थल के थोड़ी ही दूरी पर टेकनिया गांव के समीप अपाची पर सवार अपराधियों ने सीएसपी के प्रबंधक को गोली मारकर लाखों रुपये लूट लिये थे। इस घटना को पर्दाफाश करने की बात भले ही पुलिस कर रही हो लेकिन अभी तक लूटे गए लाखों रुपए बरामद नहीं हो सकी।