सिवान के अस्पतालों में 29 शिशु रोग विशेषज्ञों की जगह हैं मात्र चार डॉक्टर

0
sadar hospital
  • इलाज के लिए हर दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आ रहे हैं मरीज
  • सीएचसी, पीएचसी व रेफरल अस्पतालों में नहीं हैं एक भी शिशु रोग विशेषज्ञ

परवेज अख्तर/सिवान: शिशु के क्रंदन को मां समझ जाती है कि उसके कलेजे के टुकड़े को किस चीज की जरूरत है। लेकिन, जब उसके रोने को समझ नहीं पाती है तो तब एकमात्र सहारा डॉक्टर ही होते हैं। उसके शरीर में हुई पीड़ा को समझते हुए दवा देते हैं, ताकि शिशु जल्द से स्वस्थ्य हो जाए। परंतु जिले की हालत यह हो गई कि इन शिशुओं के दर्द को समझने वाले डॉक्टर ना के बराबर है। जिले में संचालित सभी सरकारी अस्पतालों में 29 शिशु रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। लेकिन महज चार से ही किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। जिले में शिशु का इलाज भगवान भरोसे हो रहा है। जिले के अनुमंडल अस्पताल, रेफरल अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी में सामान्य डॉक्टर ही शिशुओं का जैसे-तैसे इलाज करते है। जबकि नियमानुसार सदर अस्पताल में चार, एसएनसीयू में एक, अनुमंडल अस्पताल दो, रेफरल अस्पतालों में एक-एक, सीएचसी में एक-एक, पीएचसी में एक-एक शिशु रोग विशेषज्ञ होना चाहिए। उस हिसाब से यहां कम से कम 29 डॉक्टरों की जरूरत है। रही बात दवाओं की तो जरूरी की दवाएं उपलब्ध है, पर जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध नहीं हो पाती है। जिसके कारण मरीजों को दवाएं बाजार से अधिक दाम पर खरीदना पड़ता हैं।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
WhatsApp Image 2022-08-26 at 8.35.34 PM
WhatsApp Image 2022-09-15 at 8.17.37 PM
WhatsApp Image 2022-09-27 at 9.29.39 PM

एक नजर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञों पर

विभाग से मिली जानकारी अनुसार सदर अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ के चार पद है। इसमें मात्र तीन डॉक्टर ही है। जबकि एसएनसीयू में एक पद है, जिसमें एक डॉक्टर पदस्थापित हैं। वहीं अनुमंडल अस्पताल में दो पद सृजित हैं। इसमें दोनों शिशु रोग विशेषज्ञ पदस्थापित हैं। लेकिन एक डॉक्टर बिना सूचना के एक जुलाई 2017 से हीं गायब हैं, जबकि दूसरे पढ़ाई के लिए बाहर गए हुए है। सिसवन, रघुनाथपुर एवं मैरवा रेफरल अस्पताल में एक-एक पद सृजित है। लेकिन तीनों जगहों पर डॉक्टर नहीं है।

सीएचसी में शिशु रोग विशेषज्ञ की संख्या :

सीएचसी सृजित पद पदस्थापित

आंदर एक शून्य
बड़हरिया एक शून्य

बसंतपुर एक शून्य
भगवानपुर एक शून्य

पचरूखी एक शून्य
दारौंदा एक शून्य

गोरेयाकोठी एक शून्य
गुठनी एक शून्य

हुसैनगंज एक शून्य

पीएचसी में शिशु रोग विशेषज्ञ की संख्या :

पीएचसी सृजित पद पदस्थापित

सिसवन एक शून्य
रघुनाथपुर एक शून्य

मैरवा एक शून्य
हसनपुरा एक शून्य

लकड़ीनवीगंज एक शून्य
महाराजगंज एक शून्य

नवतन एक शून्य
दरौली एक शून्य

सिवान सदर एक शून्य
जीरादेई एक शून्य

कहते हैं सीएस :

जिले के अस्पतालों में शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी है। 29 शिशु विशेषज्ञ की जरूरत है, लेकिन अभी के समय में मात्र चार ही मौजूद है।

डॉ. यदुवंश कुमार शर्मा, सिविल सर्जन, सिवान