अपराधियों के लिए सेफ जोन बना डीएवी मोड़ व आस-पास का इलाका क्यों?

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पूर्व में भी हो चुकी है कई अपराधिक घटनाएँ

आइजी के बात की हुई अनदेखी,आखिर क्यों?

राजदेव रंजन हत्याकांड, यूसुफ हत्याकांड, राजीव रोशन हत्याकांड हैं इसके उदाहरण!

पब्लकि शाम में आने जाने से लगी है कतराने

परवेज़ अख्तर/ सिवान : डीएवी मोड़ से लेकर स्टेशन रोड और आंदर ढाला ओवर ब्रिज पर अक्सर आपराधिक घटनाएं होती रहती हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में हुए आपराधिक घटनाएं इसके उदाहरण भी हैं। बावजूद इसके पुलिस नहीं चेतती है। राजीव रोशन हत्याकांड, राजदेव रंजन हत्याकांड, यूसुफ हत्याकांड, ऐसे उदाहरण हैं जिनके कारण अक्सर शहर का माहौल खराब हो गया। यहां मुजफ्फरपुर आइजी ने पुलिस पोस्ट बनाने का निर्देश पुलिस अधीक्षक को दिया था, लेकिन जगह की कमी के कारण आज तक यहां उसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। अगर इस पर पुलिस ध्यान देती तो शायद आज जावेद की हत्या करने के पहले अपराधी कई बार सोचते। इस घटना के बाद अब पब्लिक इस क्षेत्र में शाम में निकलने से कतराने लगी है। ऐसा नहीं है कि इसका असर जंक्शन पर ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों पर नहीं होता है, अक्सर रात में यात्री मुख्य पथ होकर ही बबुनिया मोड़ के रास्ते आना जाना सुरक्षित समझते हैं।

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तीन खोखा पुलिस ने किया बरामद

घटना के बाद जांच को पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखा बरामद किया है। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि अपराधियों ने यहां कई राउंड फायरिंग की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और कुछ भी बताने से इन्कार कर रही है।

अस्पताल में उमड़ी भीड़

गोली मारकर हत्या की सूचना पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। घटना की सूचना पाकर लोग सदर अस्पताल पहुंचने लगे। देखते हीं देखते पूरा अस्पताल परिसर लोगों से भर गया था। दबी जुबान से लोग हत्या को लेकर तरह तरह की चर्चाएं कर रहे थे।

अपराधियों ने सामने से मारी गोली

अपराधियों ने श्याम बाबू उर्फ जावेद पर ओवर ब्रिज से फायरिंग की, लेकिन गोली जब जावेद को नहीं लगी तो बाइक पर दो अपराधी सवार होकर ओवर ब्रिज से नीचे आए और सामने से नजदीक जाकर जावेद को गोली मार दी। अपराधियों की गोली जावेद के मुंह से होती हुई सिर के पिछले हिस्से से बाहर निकल गई। जिससे घटना स्थल पर ही जावेद की मौत हो गई।