सुरक्षित रहकर मनाएं जन्माष्टमी का त्यौहार , धर्मगुरुओं ने की अपील

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  • हर बच्चे को मिले स्वस्थ, सुरक्षित जीवन का अधिकार
  • संक्रमण से बचाव के लिए साफ़-सफाई पर दें ध्यान
  • त्यौहार में भी कोरोना रोकथाम के नियमों का करें पालन
  • बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन (बीआईएफसी ) के धर्मगुरुओं ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं को दी बधाई एवं सुरक्षित तरीक़े से उत्सव मनाने के लिए की अपील

छपरा: कोरोना संक्रमण काल ने न सिर्फ लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाला है बल्कि कई धार्मिक त्यौहारों में भी खलल डाली है. भगवान् श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे भारत में बहुत उल्लास के साथ मनाया जाता है। लेकिन इस बार यह त्यौहार ऐसे दौर में आया है, जब पूरी दुनियां कोविड-19 वायरस के चपेट में है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर बिहार सरकार ने 16 अगस्त तक लॉक डाउन की घोषणा की है और भारत सरकार के गृह मंत्रालय की अधिसूचना में भी 16 अगस्त तक सभी मंदिरों को आम जनता के लिए बंद रखने का भी निर्देश दिया है |

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धर्म गुरुओं ने की अपील

बिहार इंटरफेथ फोरम फॉर चिल्ड्रेन (बीआईएफसी) बिहार के सभी प्रमुख धार्मिक तथा अध्यात्मिक संगठनों का स्वैच्छिक मंच है। बीआईएफसी सदस्य गायत्री परिवार के डा. अशोक कुमार, आत्म कल्याण केंद्र से आचार्य सुदर्शन जी महाराज और ब्रह्मकुमारी इस्वरीय विश्वविद्यालय से राजयोगिनी संगीता बहन, बी के ज्योति बहन ने लोंगों से अपील करते हुए कहा है कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी लोग घरो में ही मनाए और संक्रमण से सबको बचाएँ। साथ ही मंदिर के बाहर व अंदर बिल्कुल भीड़ न लगाए; मास्क पहन कर ही घर से बाहर निकले । दही हांडी जैसी सामूहिक गतिविधियों का आयोजन नहीं करें. उन्होंने इस त्योहार पर बिहार के हर बच्चे और बच्ची के स्वस्थ , सुरक्षित जीवन और ख़ुशियों भरे बचपन की कामना भी की. उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण का जन्मोत्सव सभी को हर्ष और उल्लास से भर देता है एवं श्री कृष्ण की बाल-लीला के विभिन्न प्रसंग भाव-विभोर करने वाले होते हैं.

धर्म-गुरुओँ ने माता और शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए दिया संदेश 

  • बच्चों को जन्म के पहले घंटे और छः महीने तक सिर्फ माँ का ही दूध पिलायें
  • गर्भवती माँ और छोटे बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण कराएँ
  • संक्रमण से बचने के लिए साफ़ सफ़ाई पर अत्यधिक ध्यान दें
  • शिशु को साफ़ हाथों से छुएँ
  • शिशुओं की सफाई करने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं

एकजुटता संक्रमण से लड़ने का कारगर हथियार

यूनीसेफ बिहार की संचार विशेषज्ञ निपुण गुप्ता ने बताया कि बिहार इंटर्फ़ेथ फ़ोरम बच्चों के अधिकारों व खुशहाली के लिए संकल्पित है. साथ ही हमें बहुत ख़ुशी है कि सभी धर्म और आध्यात्मिक संगठन एक जुट हो कर बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा व सहभागिता के लिए अपने समुदायों को प्रेरित कर रहे हैं। कोविड महामारी के दौरान लोगों को लगातार सुरक्षित रहने के लिए अपील कर रहें है। साथ ही भय, चिंता, कलंक, भेद-भाव और अंध-विश्वास मिटाने के लिए लोगों को समझा रहें हैं. उन्होंने कृष्ण जन्मोत्सव सुरक्षित तरीके से, शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए त्यौहार मनाने की अपील की. मास्क लगाकर और साबुन से बार-बार हाथ धोकर ही हर कार्य करने को संक्रमण से बचने का बहुत प्रभावित तरीका बताया.

चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर या 104 पर करें संपर्क

इस बार लोग घर में रहकर भगवान की भजन-कीर्तन करें। इस महामारी को दूर करने की प्रार्थना करें और लोगों में ईश्वरीय शक्ति, आत्मबल, आशा और सद्भाव का संचार करें। जरूरतमंदो, ख़ासतौर से बच्चे, बूढ़े, वंचित समुदायों का विशेष ध्यान रखें । किसी भी जानकर के लिए सरकार की हेल्प लाइन 104 या चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर सम्पर्क करें. सुरक्षित रहकर त्यौहार मनाएं, स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित बनायें.