छपरा: बाल हृदय योजना से “मुस्कान” का जीवन हुआ खुशहाल

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  • अहमदाबाद में हुआ दिल में छेद का निशुल्क ऑपरेशन
  • ऑपरेशन के लिए दो और बच्चों को भेजा गया अमदाबाद
  • मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना बच्चों के लिए हो रहा है सार्थक सिद्ध

छपरा: जन्मजात दिल में छेद से ग्रसित बच्चों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना अब सार्थक सिद्ध होने लगा है। मुख्यमंत्री सात निश्चय पार्ट 2 में शामिल बाल हृदय योजना के तहत बच्चों को नए जीवन देने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सारण जिले के गरखा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी इलियास खान की पुत्री मुस्कान का दिल में छेद का सफल व निशुल्क ऑपरेशन किया गया है। यह ऑपरेशन अहमदाबाद के एक बड़े अस्पताल में किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि आरबीएसके की टीम के द्वारा बच्ची को चिन्हित कर बेहतर इलाज के लिए पटना आईजीआईसी में भेजा गया था। जहां से उसे अहमदाबाद सर्जरी के लिए भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। बच्ची को ऑपरेशन के लिए वायुयान के माध्यम से अहमदाबाद भेजा गया था, विमान का खर्च विभाग के द्वारा उठाया गया है। इसके साथ ही बच्ची को घर से एयरपोर्ट लाने तथा एयरपोर्ट से घर पहुंचाने के लिए भी एंबुलेंस की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सफल ऑपरेशन के बाद मुस्कान के आंगन में खुशियां चहक रही है। मुस्कान के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के तमाम अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है और कहा कि यह योजना गरीबों के लिए काफी कल्याणकारी है। हम जैसे गरीब परिवार के लोगों के लिए यह ऑपरेशन संभव नहीं था लेकिन स्वास्थ्य विभाग और सरकार की पहल का देन है कि आज हमारी बच्ची का सफल ऑपरेशन हुआ और इसे एक करना ही जीवन दिया गया है।

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जीवन का सबसे बड़ा ख़ुशी का पल

सारण जिले के घर का प्रखंड के मिर्जापुर निवासी इलियास खान अपनी बिटिया के सफल ऑपरेशन के बाद काफी खुश है। उन्होने कहा कि उनकी बेटी का स्वस्थ होकर घर लौटना यह उनके जीवन का सबसे बड़ा ख़ुशी का पल था। उन्होंने यह उम्मीद ही छोड़ दी थी कि कभी उनकी बेटी स्वस्थ हो सकेगी। लेकिन सरकार के प्रयास से यह संभव हो सका है। उन्होंने कहा- ”मेरी बिटिया अब पूरी तरह से स्वस्थ्य है। मेरे आंगन में खुशिया चहक रही है। घर के अंदर खुश का माहौल है। यह ऑपरेशन पूरी तरह से नि:शुल्क किया गया है। यदि मैं निजी अस्पताल में इस ऑपरेशन कराता तो कम से कम 3 से 4 लाख रूपये खर्च हो जाते। यह खर्चा उठाना मेरे लिए काफी मुश्किल था”।

दो और बच्चे भेजे गए अहमदाबाद

सिविल सर्जन डॉ जनार्दन प्रसाद सुकुमार ने कहा कि बाल हृदय योजना के तहत सारण जिले से दो और बच्चों को 16 जुलाई को विमान के द्वारा अहमदाबाद भेजा गया है। आरबीएसके की टीम के द्वारा चिन्हित किए गए बच्चों को ऑपरेशन के लिए श्री सत्य साईं हॉस्पिटल, अहमदाबाद में भेजा गया है। सिविल सर्जन ने बताया कि मांझी प्रखण्ड के 6 वर्षीय स्नेहा कुमारी तथा दिघवारा के 8 वर्षीय विवेक कुमार को भेजा गया है।