एक्सप्रेस के रूप में चलेगी पूर्वोत्तर रेलवे की पाटिलीपुत्रा मशरक गोरखपुर ट्रेन

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छपरा: पूर्वोत्तर रेलवे की पैसेंजर ट्रेन अब एक्सप्रेस बनने की तरफ अग्रसर हो गई है। रेलवे बोर्ड ने 13 जनवरी से गोरखपुर-मशरक-पाटलीपुत्रा एक्सप्रेस चलाने की घोषणा कर दी गई। यह सवारी पैसेंजर को नया चलन कर एक्सप्रेस बनाने का ट्रेंड शुरू हो गया जिससे हाल्ट और छोटे स्टेशन का अस्तित्व समाप्त होने की ओर जा रहा है। बदलाव के तहत इन ट्रेनों के ठहराव तो कम होंगे ही, रफ्तार भी बढ़ जाएंगे।कोरोना काल में ट्रेनों के बंद होने से पैसेंजर ट्रेन के टिकटों की बिक्री ठप्प हो गई थी अब भले ही रेलवे बोर्ड पैसेंजर ट्रेन को एक्सप्रेस बनाने की हवा दे दी है पर आम यात्रियों की जेब ढीली होना तय है।वही हाल्ट स्टेशन की परेशानी बढ़ जाएंगी। लोगों को दूरी तय करने में अतिरिक्त रूपये खर्च करने पड़ेंगे। 13 जनवरी से चलने वाली गोरखपुर-मशरक-पाटलीपुत्र के टिकट रिजर्वेशन काउंटर या एजेंट से बुक करने पर अतिरिक्त खर्च हो ही जाएंगे।

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वही लगता है आने वाले समय में हाल्ट स्टेशन का अस्तित्व समाप्त हो ही जाएगा।दरअसल पूर्वोत्तर रेलवे के पैसेंजर ट्रेन चलाने के प्रस्ताव पर अभी सिर्फ आरक्षित एक्सप्रेस चलाने का ही आदेश दिया है। बोर्ड ने अनारक्षित पैसेंजर ट्रेनों को चलाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वही 13 जनवरी से चल रही गोरखपुर-मशरक-पाटलीपुत्रा ट्रेन की टिकट रिजर्वेशन काउंटर या एजेंट और IRCTC के बेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग किए जा सकते हैं।वही रेलमंत्री से पिछले दिनों पहले मढ़ौरा विधायक जितेंद्र राय,मशरक उप प्रमुख साहेब हुसैन उर्फ टुनटुन ने तत्काल प्रभाव से मशरक थावे छपरा रूट पर पैसेंजर ट्रेन चलाने की मांग की है। स्थानीय पूर्वी मुखिया प्रतिनिधि अमर सिंह कहते हैं कि मशरक से छपरा जिला मुख्यालय जाने के लिए ट्रेन की विशेष जरूरत है तो एक्सप्रेस चलाई जा रही।

वह जिला मुख्यालय नही जाएंगी जिससे लोगों की परेशानी हो रही है। रेलवे कोरोना काल से पहले जो पैसेंजर ट्रेन चला रही थी कम से कम वह पैसेंजर ट्रेन तो चलाएं। राजद नेता इम्तेयाज खान उर्फ चुन्नू बाबू बताते हैं कि छपरा मशरक थावे रेलखंड ग्रामीण इलाकों से गुजरता है इस इलाके के लोग खेती पर आधारित है।वही बड़ी संख्या में यहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में हैं जिन्हें अपने गांव आने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है रेलवे अंग्रेजों के समय से ही इस ग्रामीण इलाकों में आवागमन का मुख्य साधन था वही छोटी लाइन से बड़ी लाइन में परिवर्तन के बाद पैसेंजर और छपरा कचहरी लखनऊ एक्सप्रेस चली थी जो कोरोना काल में बंद हो गई थी अभी देश के सभी जगहों पर ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया पर इस रूट पर अभी भी इन ट्रेनों का परिचालन बंद हैं जिसे अविलंब चालू कराने की जरूरत है।