अब स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत नर्सो का होगा कम्पटेंसी बेस्ड स्किल एसेसमेंट

0
  • उत्कृष्ट कार्य, कार्य कौशल योग्यता व अनुभव के आधार पर होगा एसेसमेंट
  • 85 प्रतिशत रैंक हासिल करने वाली नर्स को मिलेगा 5000 रूपये का इनाम
  • रैंकिंग के आधार पर नर्सो को मिलेगा 1 से 3 स्टार तक का बिल्ला
  • अब एप्रन भी होंगे अलग-अलग रंगों के

छपरा: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला एवं प्रखंड स्तर पर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत नर्सिंग कर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्य, कार्य कौशल, योग्यता एवं कार्य अनुभव के अनुरूप कम्पटेंसी बेस्ड स्किल एसेसमेंट करने का स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निर्णय लिया गया है। एसेसमेंट में मिले रैंक के आधार पर रिवार्डस, बेडेज एवं एप्रन प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने पत्र लिखकर सिविल सर्जन को आवश्यक दिशा निर्देश दिया है। पत्र में बताया गया है कि जिला स्तर पर सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाले चयनित नर्सिंग कर्मी को 5000 रूपये तथा प्रत्येक प्रखंड स्तर पर सर्वोच्च रैंक प्राप्त करने वाले चयनित नर्सिंग कर्मी को 3000 रूपये रिवार्ड के रूप में पीएफएमएस के माध्यम से प्रदान किया जायेगा। रैंकिंग में केयर इंडिया के टीम के द्वारा जिला एवं प्रखंड स्तर पर सहयोग लिया जायेगा।

विज्ञापन
pervej akhtar siwan online
ahmadali
dr faisal

नर्सो के इन कार्यों की होगी रैंकिंग:

रैंकिंग के दौरान एएनएम व जीएनएम से आपातकाल व मौलिक नर्सिंग देखरेख से सबंधित बल्ड ग्रूप, हाइपोवोल्मिया वाले मरीज के लक्षण, मातृ देखरेख के तहत प्रसव पीड़ा व गर्भनाल बांधने, प्रसव की प्रथम व तीसरी अवस्था में गर्भवती को अवश्य सलाह, गर्भवती महिला के पेट का असामान्य आकार के कारण, प्री एक्लेम्पसिया की पहचान, प्रसव के बाद जटिलताओं के संकेत की पहचान, परिवार नियोजन के तरीके, नवजात शिशु की जन्म के समय लंबाई, नवजात शिशु में कोल्ड स्ट्रेस के संकेत, जन्म के समय स्तनपान का महत्व, कंगारू मदर केयर की जरूरत, अम्बु बैग का उपयोग एवं शिशु टीकाकरण आदि की जानकारी ली जायेगी। प्रायोगिक मूल्यांकन में नर्सों से तापमान, पल्स व श्वसन गति का आकलन, बीपी मापना, पेशाब की जांच, मांसपेशियों में इंजेक्शन लगाने की प्रक्रिय एवं , अनिवार्य नवजात शिशु देखभाल प्रसव के बाद खून बहने सहित एक्लेम्पसिया प्रबंधन आदि की जानकारी ली जायेगी। जिसके आधार पर रैंकिंग की जाएगी.

रैंकिंग के आधार पर नर्सो को मिलेगा 1 से 3 स्टार तक का बिल्ला:

जारी पत्र के माध्यम से बताया गया है कि रैंकिंग के आधार पर नर्सिंग कर्मियों को 1 से 3 स्टार तक का बिल्ला उपलब्ध कराया जायेगा। उनके कार्य क्षमता के आधार पर बिल्ला उपलब्ध कराया जायेगा। बिल्ला व एप्रन की खरीदारी जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा की जायेगी। 50 प्रतिशत या उससे अधिक रैंक हासिल करने वाले नर्सिंग कर्मियों को बिल्ला प्रदान किया जायेगा।

अब एप्रॉन भी होंगे अलग-अलग रंगों के:

इस रैंकिंग के आधार पर अब नर्सों के एप्रन भी अलग-अलग रंगों के होंगे. एएनएम को ग्रीन, जीएनएम को ब्लू, बीएससी नर्सिंग को वाईलेट, एमएससी नर्सिंग को मैरून रंग का दो-दो एप्रन प्रदान किया जायेगा।

ऐसे होगा बिल्ला:

  • 85 प्रतिशत रैंक हासिल करने वालों को 3 स्टार
  • 60 से 85 प्रतिशत तक रैंक हासिल करने वालों को 2 स्टार
  • 50 से 60 प्रतिशत तक रैंक हासिल करने वालों को 1 स्टार

ऐसे दिया जायेगा पुरस्कार:

  • जिला स्तरीय पुरस्कार राशि- 5000रू
  • प्रखंडस्तरीय पुरस्कार राशि- 3000रू
  • प्रति एप्रन (2 एप्रन प्रति नर्सिंग कर्मी)- 300रू
  • प्रति बिल्ला (बेडेज)- 60रू